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परमपूज्य गुरूदेव आचार्य प्रवर श्रीमद् विजय पद्म प्रभ सूरी जी महाराज
सा. की जीवन शैली में मानव मात्र के प्रति गहन प्रेम दृष्टिगोचर होता
है- प्रत्यक तबके के संर्वागीणी विकास की उत्कंठ इच्छानुरूप आपने
शिक्षा , ज्ञान, धर्म आराधना एवं चिकित्सा हेतु विराट संस्थाओं की
स्थापना की है-
• श्री
धर्ममंगल जैन विघापीठ मधुवन शिखर जी
• श्री भक्ति सूरी उच्चमहाविघालय, शिखरी जी
• श्री मधुवन पार्ष्वनाथ जिनालय, शिखरी जी
• श्री पद्यावती जलकमल मन्दिर, शिखरी जी
• श्री जलकमल गुरूमन्दिर, शिखरी जी
• श्री भक्ति प्रेमपदम श्वेताम्बर जैन चेरीटेबल संस्थान, उदयपुर
• श्रीमती मानबाई मुरडिया हॉस्पिटल, उदयपुर
• श्री पद्मविहार धर्मशाला, उदयपुर |